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असल ज़िंदगी की 183 कहानियाँ

सबके लिए मनोविज्ञान – मानसिक कल्याण श्रृंखला। मानसिक स्वास्थ्य पर सरल भाषा में एक मुफ़्त पुस्तक: अध्याय, असल ज़िंदगी की कहानियाँ, श्लोक, परीक्षाएँ, वीडियो और ऑडियो। मन और मनोदशा का ध्यान रखें।

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असल ज़िंदगी की 183 कहानियाँ

  1. बारह नंबर का शांत कमरा
  2. लोग क्या कहेंगे?
  3. उनकी याद, धीरे-धीरे भरता घाव
  4. ऐसे सिरदर्द जिनका कोई खेत नहीं था
  5. पहले किससे मिलें?
  6. एक दरवाज़ा बंद होता है, एक कमरा खुलता है
  7. गारंटी वाले इलाज का आदमी
  8. दूसरी राय और डर की छोटी गोलियाँ
  9. वह चेतावनी-घंटी जो बंद नहीं होती थी
  10. बाइक से गिरने के बाद
  11. सत्तर की उम्र में चित्र बनाना सीखना
  12. आधी रात की स्क्रॉलिंग और बढ़ता मस्तिष्क
  13. रात की पालियाँ और बिस्कुट
  14. हर समय थकान, और केवल उदासी नहीं
  15. गर्मी, हार्मोन और चुभते शब्द
  16. यह केवल रसायन नहीं है
  17. गुस्सा नहीं, बस थकान
  18. मैं हमेशा असफल होता हूँ
  19. घर का प्रेशर कुकर
  20. रात तीन बजे की फ़िक्रें
  21. खिड़की वाली सीट का प्रयोग
  22. माँ की रसोई की महक
  23. शक्कर का उछाल और रविवार का दोपहर का खाना
  24. बहुत तेज़, बहुत शांत
  25. परीक्षा के मौसम की गाँठ
  26. ख़ाली टंकी पर दौड़ना
  27. नया देश, भारी मन
  28. वह रात जब मेरा दिल दौड़ा
  29. अगर आज रात कुछ गलत हो गया तो?
  30. पिछली पंक्ति
  31. दीवार पर छिपकली
  32. आरव जो बोलता नहीं था
  33. धूसर सप्ताह
  34. चुप किसान
  35. शिशु के बाद
  36. दादाजी ने पढ़ना छोड़ दिया
  37. आधी रात का संदेश
  38. वह सड़क जो बार-बार लौटती रही
  39. अशोक के जाने के छह महीने
  40. वह घर जहाँ वह हमेशा सुनती थी
  41. जब पानी आया
  42. आना के साथ खड़े रहना
  43. आठ दिन बिना नींद के
  44. शांता के बेटे की आवाज़ें
  45. रात दो बजे ज़ो
  46. धीरे-धीरे घर वापसी
  47. श्री हसन कमरे के किनारे रहना पसंद करते हैं
  48. वह लड़का जो स्थिर नहीं बैठ पाता था
  49. सोफ़िया और स्क्रीन की चमक
  50. नेहा “हाँ” कहना बंद करती है
  51. अय्यर जी घर का रास्ता भूल जाते हैं
  52. नन्ही ज़ारा इंतज़ार करना सीखती है
  53. रात तीन बजे जागने वाली
  54. आधी रात को मैगी
  55. हर कदम की गिनती
  56. प्रतीक्षा कक्ष
  57. दो रसोइयाँ, एक झगड़ा
  58. जब केवल शब्द काफ़ी नहीं थे
  59. छोटी सफ़ेद गोली का दसवाँ दिन
  60. नेहा बच्चे के बारे में पूछती है
  61. वह लड़का जो आखिरकार अपना होमवर्क पूरा कर सका
  62. फ़र्नांडिस जी और नींद की गोलियों का पत्ता
  63. जब घर तूफ़ान नहीं संभाल पाता
  64. फ़्रिज पर लगी समय-सारणी
  65. रात की शिफ़्ट, नया शिशु
  66. पेंशन वाले दिन की दिनचर्या
  67. वह दरवाज़ा जो बंद रहा
  68. गाँव में अप्पा
  69. भाई, बोतल और दोष
  70. वह बेटी जिसने सब कुछ संभाले रखा
  71. अनिल के लिए पाँच कदम
  72. टीम के नाम संदेश
  73. जिस रात पड़ोसन ने सोना छोड़ दिया
  74. बहुत अधिक, बहुत तेज़ी से
  75. एक कार्ड पर चार पंक्तियाँ
  76. सोलह वर्षीय की नोटबुक
  77. वे दादाजी जिन्होंने खाने की मेज़ पर आना छोड़ दिया
  78. हेलसिंकी के अँधेरे महीने
  79. मिहिर और चुभने वाली कमीज़
  80. बेचैन रात की शिफ़्ट
  81. वह मैनेजर जो बहुत तपती थी
  82. मानसून के बादल जैसी भारी
  83. चालीस की उम्र में थकी, उदास और भुलक्कड़
  84. कबीर का छूटा भोजन
  85. नेहा की झनझनाती उँगलियाँ
  86. काँच की दीवार
  87. फिर से गैस जाँचना
  88. खाली थाली
  89. मीरा और भावनाओं का तूफ़ान
  90. सोने के लिए एक पेग
  91. बिना कारण के सिरदर्द
  92. सावित्री का सुबह का अभ्यास
  93. वह गुरु जिसने गोलियाँ बंद करने को कहा
  94. परीक्षा हॉल में अर्जुन
  95. दशरथ का शोक, राम की स्थिरता
  96. सीता का साहस और सौम्य चुनाव
  97. मोहन का बेचैन मन
  98. पार्वती, ओझा और डॉक्टर
  99. रात के खाने के बाद का गिलास
  100. हॉस्टल के पीछे की सिगरेट
  101. रात के खेल, खाली सुबहें
  102. नींद की गोलियाँ, नसों की गोलियाँ
  103. वह भाई जिसका कोई ज़िक्र नहीं करता
  104. चुपचाप थाली
  105. छिपा हुआ चक्र
  106. फ़्रिज के दरवाज़े पर खड़ा आदमी
  107. आठ खाद्य पदार्थ और एक टिफ़िन
  108. किसी खाँचे में न बैठने वाली
  109. वह लड़का जो कुर्सी पर टिक नहीं पाता था
  110. हमेशा देर, हमेशा माफ़ी
  111. वह लड़की जो सबकी नकल करती थी
  112. होशियार लड़का, पढ़ नहीं पाता
  113. पलक झपकाना और सूँ-सूँ करना
  114. अँधेरे में दीया
  115. स्क्रीनशॉट
  116. स्क्रीन पर परफ़ेक्ट
  117. सत्रह टैब, एक निदान
  118. वह रात में क्या खोजता था
  119. बोर्ड परीक्षा से पहले की रात
  120. कभी न खत्म होने वाला इनबॉक्स
  121. अपमान करने वाला बॉस
  122. जिस दिन चिट्ठी आई
  123. वह बेटी जिसने सबको संभाला
  124. वह गोली जिसे वह फेंक देना चाहती थी
  125. केवल थकान के आँसू नहीं
  126. वह प्रसव जो कागज़ पर ठीक रहा
  127. स्कैन के बाद एक शांत कमरा
  128. जिस रात रोज़ा की बातें बेतुकी हो गईं
  129. परिवार ने कहा, बस बुढ़ापा है
  130. चाबियाँ फिर से कहाँ रख दीं?
  131. वह देखभालकर्ता जो खुद को भूल गई
  132. राजा स्ट्रीट का खाली फ़्लैट
  133. जब पापा कोई और व्यक्ति बन गए
  134. वह बैठक जिसमें वह शामिल नहीं हुए
  135. बस स्टॉप पर फ़राह ने क्या कहा
  136. कुंडी वाला कमरा
  137. सैम ने घर पर किसी को नहीं बताया
  138. रवि के बाद हम जो शब्द कहते हैं
  139. ग्यारह प्रश्न, एक लंबी साँस
  140. इंटरनेट पर चौहत्तर प्रतिशत
  141. थायरॉइड, केवल नसें नहीं
  142. एक निदान जो बदल गया
  143. माया स्थिर नहीं बैठती, या बात कुछ और है?
  144. तीन सौ संपर्क और फ़ोन करने को कोई नहीं
  145. वे तीन शब्द जो वह हमेशा कहता था
  146. मैं बात करने को तैयार हूँ, पर इस तरह नहीं
  147. उसने अपने दोस्तों से मिलना बंद कर दिया
  148. देखा, पर जवाब नहीं
  149. रिया, उम्र 22
  150. वह चाचा जो सिर्फ़ “टेंशन” कहते थे
  151. एक ही सप्ताह में दीया और क्लिनिक
  152. एक बच्चा जो स्कूल नहीं जाना चाहता था
  153. गलत द्वार
  154. सोफ़े से पहले लाइसेंस
  155. वह स्ट्रोक जिसने परिवार को शरीर-रचना सिखाई
  156. हेलमेट वाली बहस
  157. उदासी जैसा दिखने वाला थायरॉइड
  158. परीक्षा-सप्ताह का जबड़ा
  159. रविवार रात का पैसा
  160. वह बच्चा जो “गुस्से” में था
  161. अंकित, आयु 24
  162. मीरा, आयु 38
  163. रोहन, आयु 26
  164. सुनीता, आयु 45
  165. अरुण, आयु 32
  166. विक्रम, आयु 23
  167. रमेश, आयु 68
  168. कविता, आयु 34
  169. नेहा, आयु 29
  170. कबीर, आयु 28
  171. अनीता, आयु 42
  172. राज, आयु 31
  173. सुरेश और मीना
  174. अमित, आयु 25
  175. लीला, आयु 41
  176. अनीता, आयु 36
  177. रफ़ी, तीसरा बहाना
  178. मीरा की थाली
  179. अरुण की दो रिपोर्टें
  180. अंकित की शाम, फिर से लिखी गई
  181. तीसरा रविवार
  182. छुट्टी के बाद
  183. रमेश