रोहन, आयु 26
रोहन को अचानक तीव्र डर के दौरे पड़ने लगे जिनमें दिल तेज़ धड़कता, साँस फूलती और चक्कर आते। उसे लगा कि उसे दिल का दौरा पड़ रहा है। आपातकालीन जाँचें सामान्य थीं। वह एक और दौरे के डर से घर से निकलने में डरने लगा। एक मनोचिकित…
रोहन को अचानक तीव्र डर के दौरे पड़ने लगे जिनमें दिल तेज़ धड़कता, साँस फूलती और चक्कर आते। उसे लगा कि उसे दिल का दौरा पड़ रहा है। आपातकालीन जाँचें सामान्य थीं। वह एक और दौरे के डर से घर से निकलने में डरने लगा।
एक मनोचिकित्सक ने एगोराफ़ोबिया के साथ पैनिक डिसऑर्डर का निदान किया। उन्होंने समझाया कि पैनिक अटैक भयावह होते हुए भी अपने-आप में ख़तरनाक नहीं हैं। रोहन ने धीरे-धीरे एक्सपोज़र के साथ CBT शुरू की: पहले दरवाज़े के पास खड़े होना, फिर कुछ कदम और आगे चलना।
समय के साथ उसके पैनिक अटैक घटे और बाहर जाने का आत्मविश्वास लौट आया। उसने कहा, “मेरे शरीर में क्या हो रहा था, यह समझने और एक-एक कदम अपने डर का सामना करने से सब कुछ बदल गया।”
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