रविवार रात का पैसा
एक दंपति हर रविवार पैसों को लेकर झगड़ता था। अकेले बीते शनिवार के बाद मनोदशा गिर जाती थी। अपनी मनोदशाओं को नाम देने से पैसों की समस्या हल नहीं हुई, पर इससे हर बहस उनके प्रेम की परीक्षा जैसी लगना बंद हो गई। उन्होंने हर वाक…
एक दंपति हर रविवार पैसों को लेकर झगड़ता था। अकेले बीते शनिवार के बाद मनोदशा गिर जाती थी। अपनी मनोदशाओं को नाम देने से पैसों की समस्या हल नहीं हुई, पर इससे हर बहस उनके प्रेम की परीक्षा जैसी लगना बंद हो गई। उन्होंने हर वाक्य को प्रेम पर फ़ैसले की तरह लेना छोड़ दिया। सोमवार का एक विचार-अभिलेख एक और रविवार की अदालत से सस्ता था।
सभी 35 अध्याय · असल ज़िंदगी की 183 कहानियाँ · मन के लिए 61 हिंदू श्लोक · सबके लिए मनोविज्ञान – मानसिक कल्याण श्रृंखला